पुरानी इमारत में ऊर्जा दक्षता में होगा सुधार कार्य
एचसीएचएस लैब का किया जा रहा है रेट्रो फिटिंग कार्य
आपदा प्रबंधन के तहत किया जा रहा है यह कार्य, डेंटल भवन जल्द होगा शुरू
40 लाख रुपये किए जा रहे खर्च, लोक निर्माण विभाग करवा रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ब्लॉक ए और ब्लॉक बी भवन को भूकंपरोधी बनाने का कार्य किया जा रहा है। इमारत की ऊर्जा दक्षता में सुधार के साथ मरम्मत कार्य किया जा रहा है। ब्लॉक ए में एआरटी सेंटर और एचसीटीएस लैब चलाई जा रही है। वर्तमान में इस भवन का रेट्रो फिटिंग कार्य किया जा रहा है। रेट्रो फिटिंग प्राय पुराने भवन में नई तकनीक के साथ निर्माण कार्य को करना है ताकि इस भवनों के जीवनकाल को बढ़ाया जा सके। मेडिकल कॉलेज में यह दोनों भवन 50 वर्ष से भी पुराने हैं। ऐसे में यह भवन भूकंपरोधी नहीं है। अगर भूकंप जैसी आपदा होती तो यह भवन ढह सकते थे। ऐसे में इन भवनों की लाइफ को बढ़ाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है।
इसमें आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है। इस तरह से सरिया व पत्थर लगाकर प्लास्टर किया गया कि भूकंप होने पर भी भवनों को कोई नुकसान न पहुंचे। वहीं, ब्लॉक बी में दंत रोग ओपीडी चलाई जाती है। ब्लॉक ए का कार्य पूरा होने के बाद अब शीघ्र ही ब्लॉक बी का कार्य किया जाएगा। यह कार्य केंद्रीय आपदा प्रबंधन के तहत करवाया जा रहा है। इसपर 40 लाख रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग यह कार्य कर रहा है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि अस्पताल के यह दोनों भवन बहुत पुराने हैं। ऐसे में इन भवनों को कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए यह कार्य किया जा रहा है। इस बारे में लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के सहायक अभियंता संचय कटोच नेे कहा कि ब्लॉक ए में कार्य चला है। कार्य के अलग-अलग कंपाउंड हैं और कार्य जोरों पर है।