इस वर्ष के अंत तक 77 ड्रिप इरिगेशन योजनाएं हो जाएंगी तैयार
एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के सात जिलों में किया जाएगा कार्य
162 सिंचाई योजनाओं का किया जाएगा निर्माण, लाखों परिवार होंगे लाभान्वित
28 विकासखंडों की चार हजार हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा फलदार पौधों का रोपण
सोनम शर्मा
हमीरपुर। दो वर्षों में प्रदेश के सात जिलों में 45 लाख फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। एचपी शिवा मुख्य प्रोजेक्ट के तहत यह कार्य किया जाएगा। जिला हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, ऊना में आम, अमरूद, संतरा, मौसमी आदि फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इस वर्ष के अंत तक 77 डिप इरिगेशन योजनाएं तैयार हो जाएंगी। शिवा प्रोजेक्ट के तहत सात जिलों में कुल 162 सिंचाई योजनाओं का निर्माण किया जाना है। इनमें से 77 डिप इरिगेशन योजनाएं (सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं) इसी वर्ष के अंत तक तैयार हो जाएंगी। इनकी लागत करीब 105 करोड़ है।
इनकी सहायता से वर्ष 2025 के अंत तक इन सात जिलों में 45 लाख फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। 28 विकासखंडों की चार हजार हेक्टेयर भूमि पर यह पौधरोपण प्रक्रिया की जाएगी। जिला हमीरपुर के 17, सोलन के दो, सिरमौर के पांच, बिलासपुर के 19, मंडी के 20, कांगड़ा के 10 और ऊना के चार क्लस्टरों में ये फलदार पौधे रोपे जाएंगे। इससे प्रदेश के बागवानों को अच्छी खासी आमदनी होगी। फल लगने पर बागवानों को विपणन करने और बेचने के लिए भी बागवानी विभाग कंपनियां उपलब्ध करवा रहा है। जिससे बागवानों को इन फलों को स्वयं बेचने की भी चिंता नहीं है। इस बारे में एचपी शिवा प्रोजेक्ट के प्रदेश योजना अधिकारी डॉ. देवेंद्र ने कहा कि प्रोजेक्ट के तहत दो वर्षों में प्रदेश के सात जिलों में 45 लाख फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे। 77 ड्रिप इरिगेशन योजनाएं इसी वर्ष तैयार हो जाएंगी।