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गायनी विभाग में भर्ती 129 गर्भवती, संभाल रही महज एक नर्स

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हमीरपुर। डा. राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण मरीजों खासकर गर्भवती महिलाओं को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। शनिवार को अस्पताल के गायनी विभाग में भर्ती 129 गर्भवती और अन्य महिलाओं को संभालने और उनकी देखरेख के लिए एक ही स्टाफ नर्स एक समय पर तैनात रहीं। महज शनिवार का ही यह हाल नहीं है, शुक्रवार को भी विभाग में भर्ती 124 और रविवार को भर्ती करीब एक सौ महिलाओं को संभालने के लिए एक समय पर एक ही नर्स ड्यूटी पर रहीं। अस्पताल के गायनी विभाग में कुल चार नर्सें ही हैं। इनमें से दो की दिन में शिफ्ट बार ड्यूटी होती है, जबकि एक नर्स की ड्यूटी रात को होती है। वहीं, एक नर्स जिसने पिछली रात को ड्यूटी की होती है वह अगले दिन छुट्टी पर होती है।
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विभाग में महिलाओं की देखभाल एवं उपचार के लिए एक समय पर मात्र एक ही नर्स तैनात होती है। इस नर्स को नई दाखिल होने वाली महिलाओं का रिकार्ड रखने के लिए दस्तावेजों संबंधी कार्य भी करना पड़ता है। ऐसे में एक नर्स को एक सौ से अधिक महिला मरीजों की देखभाल करना मुश्किल हो गया है। इस कारण वार्ड में दाखिल महिलाओं को कई बार उचित स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। इसके अलावा गायनी विभाग में महिलाओं के ऑपरेशन के बाद लगाए जाने वालों टांकों में प्रयोग होने वाले धागे (कैटगट) की भी कमी चली हुई है। कई बार ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रबंधन को बाहर से धागे मंगवाने पड़ रहे हैं। वहीं विभाग में आउटसोर्स पर रखीं चार नर्सों में से तीन ने ज्वाइन नहीं किया जबकि, जिस एक ने ज्वाइन किया था वह भी वर्कलोड के कारण अस्पताल को छोड़ गई। हमीरपुर में महज नाम का मेडिकल कॉलेज चल रहा है, जबकि यहां पर सुविधाएं शून्य हैं। ऐसे में मरीजों की जिंदगी और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इस संबंध में अस्पताल के एमएस डा. अनिल वर्मा ने कहा कि अस्पताल में नर्स स्टाफ की कमी बनी हुई है। वार्डों में नर्सों की उचित ड्यूटी मैट्रन की ओर से लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड को संभालने के लिए कम से कम एक नर्स की तैनाती की जाती है।
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