जाहू(हमीरपुर)। नौकरी छोड़ प्रदेश के दो पूर्व शिक्षकों ने गोसेवा को तवज्जो देकर इसे ही अपनी आजीविका का साधन बनाया है। उपमंडल भोरंज के गांव मुंडखर में दोनों पूर्व शिक्षकों ने डेयरी फार्म खोलकर पढ़े लिखे युवकों के लिए प्रेरणा स्रोत का कार्य किया है। कांगड़ा जिला के कंदरौड़ी गांव के 38 वर्षीय विनय पठानिया और बिलासपुर जिला के फागत गांव के 37 वर्षीय पंकज ठाकुर ने बिना किसी सरकारी सहायता से हमीरपुर जिला के मुंडखर गांव में गोरस डेयरी फार्म गाय पालन को रोजगार से जोड़ कर शुरू किया है। इन युवाओं की कड़ी मेहनत को देखकर हर कोई हैरान है। दोनों युवकों ने मिलकर गोरस नाम की डेयरी का आरंभ अप्रैल 2017 में किया।
शुरूआती दौर में केवल दो गायों से दूध बेचने का कार्य शुरू किया और उस समय डेयरी से करीब 20 लीटर दूध की मांग थी, लेकिन वर्तमान तें डेयरी फार्म में लगभग 150 लीटर की मांग हो गई। इसके संचालन के लिए युवकों ने आठ कनाल भूमि 45 हजार रुपये, मासिक किराए पर ले रखी है। वहीं डेयरी फार्म में वेस्ट डी कंपोजर को गोबर में डालकर जैविक खाद तैयार की जा रही है।
कांगड़ा जिला के कंदरौड़ी गांव के विनय पठानिया बीए बीएड, एमए अंग्रेजी की उच्च शिक्षा प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि 2002 से 2012 तक वह आर्मी स्कूल कंदरौड़ी में उप प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत रहे। पंकज ठाकुर निवासी फागत से बतौर ट्रेनर के रूप में मुलाकात हुई। पंकज इससे पहले निजी बीएड कॉलेज में बतौर प्रवक्ता के रूप में सेवारत थे। दोनों ने स्वरोजगार के लिए डेयरी फार्मिंग को अपना व्यवसाय बना लिया है।