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जिला उच्चतर शिक्षा कार्यालय से मंजूरी न मिलने के कारण नहीं लगे कई स्कूलों में कैमरे

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सीसीटीवी - फोटो : FILE PHOTO
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अमर उजाला ब्यूरो

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हमीरपुर।
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर से फंड न मिलने के कारण जिले के कई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पाए हैं। स्कूलों के पास कैमरे लगाने के लिए पर्याप्त फंड न होने के कारण उन्होंने इसके लिए उपनिदेशक कार्यालय में फंड स्वीकृति के लिए आवेदन भेजे हैं। ऐसे कई आवेदनों को कार्यालय से स्वीकृति नहीं मिली है।

आवेदनों में स्कूलों में कैमरे लगाने के लिए दस्तावेज और क्यूटेशन संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। इस कारण इन स्कूलों को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। 20 फरवरी को शिक्षा विभाग के उपनिदेशक ने स्कूलों का निरीक्षण कर पांच मार्च से पहले कैमरे लगाने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस पर कई स्कूलों ने तो अपने फंड से कैमरे लगा लिए लेकिन कई स्कूलों के पास फंड न होने के कारण विभाग से पैसे मांगे हैं।
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विभाग ने कई आवेदनों को मंजूरी नहीं दी है। इस कारण स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पाए हैं। परीक्षाओं के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने परीक्षा केंद्रों में कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। लेकिन कई स्कूलों में अभी तक कैमरे नहीं लग पाए हैं। जबकि छह मार्च से बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। पांच मार्च तक कैमरे न लगाने वाले स्कूलों पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए जिला के आठ क्लस्टरों के हेड उपनिदेशक निरीक्षण को रिपोर्ट सौंपेंगे। रिपोर्ट में कैमरों के बिना पाए जाने वाले स्कूलों की सूची को कार्रवाई के लिए शिक्षा निदेशालय प्रेषित किया जाएगा।
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इस संबंध में शिक्षा उपनिदेशक निरीक्षण अजय पटियाल का कहना है कि उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा कार्यालय से फंड के आवेदनों को मंजूरी न मिलने के कारण कई स्कूलों में कैमरे नहीं लग पाए हैं। उन्होंने कहा कि पांच मार्च तक जिन स्कूलों में कैमरे नहीं लगे होंगे उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा सोमदत्त सांख्यान का कहना है कि जिन स्कूलों ने कैमरे लगाने के लिए दस्तावेजों और क्यूटेशन संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं की है उन्हें ही फंड की मंजूरी नहीं दी गई है। जिन स्कूलों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है उन्हें कैमरे लगाने के लिए फंड जारी कर दिया है।

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