पशुगणना का पूरा डाटा विभाग करेगा ऑनलाइन अपलोड
डाटा अपलोड होने से ऑनलाइन मौजूद रहेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलेभर में शीघ्र ही पशुगणना का कार्य शुरू होगा। पशुपालन विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पशुओं की गणना के लिए सेवाएं देने वाले कर्मियों को विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिले में 250 कर्मी पशुगणना के कार्य में जुटेंगे। विभाग की ओर से गणना कार्य को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक का लक्ष्य रखा है। 31 दिसंबर तक जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में पशु कर्मी अलग-अलग स्थानों पर जाकर पशुओं की गणना का कार्य करेंगे। पशुगणना में गाय, बैल, भैंस सहित अन्य पशुओं की गणना की जाएगी ताकि पशुओं के सही आंकड़े विभाग के पास उपलब्ध हो सकें। पशुपालन विभाग इस बार पूरी तरह मोबाइल तकनीक का प्रयोग करके पशुधन गणना करेगा। सारा डाटा संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।
जिला और राज्य स्तर पर इस डाटा की मॉनिटरिंग की जाएगी। इस कार्य में वेटरनरी फार्मासिस्ट, वरिष्ठ वेटरनरी ऑफिसर, नोडल ऑफिसर सहित अन्य कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। कर्मचारियों को गणना को लेकर राज्य स्तर पर शिमला में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यहां से मास्टर ॉट्रेनर तैयार किए गए हैं। इन मास्टर ट्रेनर ने अन्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्य संपन्न होने के बाद एक या दो दिन के भीतर पशुगणना शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, कई जिलों में पशुगणना एक सितंबर से शुरू की जा चुकी है लेकिन जिला हमीरपुर में पशुगणना का कार्य इसी सप्ताह शुरू होगा जो दिसंबर तक जारी रहेगा। पशुओं की गणना प्रत्येक पांच वर्ष बाद करवाई जाती है। इससे पूर्व वर्ष 2019 में प्रदेशभर में 20वीं पशुगणना हुई थी। उसके बाद अब विभाग की ओर से वर्ष 2024 में 21वीं पशुगणना करवाई जा रही है ताकि पशुगणना के माध्यम से पशुओं के आंकड़े का सही पता चलाया जा सके कि पांच वर्षों में कौन सी प्रजाति के पशुओं की संख्या में कमी और बढ़ौतरी हुई है।
इस बारे में पशुपालन विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डाॅ. अजय ने कहा कि जिला में पशुओं की गणना का कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। जिलाभर में करीब 250 कर्मी गणना का कार्य संभालेंगे। विभाग की ओर से कार्य को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है।
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इसलिए सहायक होती है पशुगणना
पशुगणना होने के बाद कुल पशुधन संपदा का पता आसानी से चल पाता है। इससे सरकार को पशुपालन के क्षेत्र में उचित योजना बनाने, कार्यक्रम तैयार करने के लिए पशुधन के आंकड़े सहायता प्रदान करते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर पशुपालकों के लिए नई योजनाएं तैयार होती हैं।
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पांच वर्ष पहले का आंकड़ा
पशु
आंकड़ा
पालतू
19789
भैंस
97246
भेड़
6909
बकरी
24285
घोड़ा
183
डॉग 9851