हमीरपुर। हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ राज्य कार्यकारिणी की बैठक प्रधान केसर ठाकुर की अध्यक्षता में हमीरपुर में संपन्न हुई। सबसे पहले सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरजीत ठाकुर ने केसर ठाकुर को शपथ दिलवाई। इसके बाद केसर ठाकुर ने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को शपथ दिलवाई। बैठक में सभी जिलों के प्रधानों ने अपने-अपने जिलों की मांगों को अध्यक्ष के सामने रखा। महासचिव संजीव ठाकुर ने बताया कि इन सभी मांगों पर मंथन करके स्कूल प्रवक्ता संघ अगले तीन साल के लिए एक मांगपत्र तैयार किया जाएगा। इस दौरान विशेष तौर पर आमंत्रित सुरजीत ठाकुर, विनोद बनियाल, पंकज शर्मा, सूरज बाली, सतीश शर्मा, कमल शर्मा, राजगीर, विजय शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान हेम राज सांख्यान, नरेंद्र नेगी सहित विभिन्न जिलों से आए 160 प्रवक्ताओं ने भाग लिया।
मीटिंग में सर्वसहमति से फैसला लिया गया कि अगले महीने स्कूल प्रवक्ता संघ मुख्यमंत्री के सम्मान में एक समारोह आयोजित करेगा। इसे सफल बनाने के लिए राज्य प्रधान ने सभी साथियों से सहयोग करने का आग्रह किया है। प्रवक्ताओं की वेतन वृद्धियों को रोके जाने के शिक्षा विभाग के फैसले को गलत बताया गया। विभाग को यह फैसला वापस लेना चाहिए और वर्तमान पॉलिसी में बदलाव किया जाना जरूरी है। इसके साथ शिक्षा में सुधार लाने के लिए ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा को पढ़ाने वालों के लिए एक ही पदनाम दिया जाना चाहिए। इसलिए बैठक में फैसला लिया गया कि ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा को पढ़ाने वाले सभी अध्यापकों का पदनाम पीजीटी लेक्चरर करवाया जाएगा। केंद्र सरकार ने 2016 से सातवां वेतनमान दे दिया है। मगर हिमाचल सरकार ने बीते दो साल से नया वेतन मान लागू नहीं किया है। संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में भी केंद्र की तर्ज पर सातवां वेतनमान लागू किया जाए। इसके साथ साइंस के प्रवक्ताओं को प्रैक्टिकल भत्ता दिया जाना चाहिए और एमफिल और पीएचडी डिग्री धारक प्रवक्ताओं को अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जाएं। प्रवक्ताओं ने एक्स-सर्विसमैन के खिलाफ 20 साल कोर्ट में लड़ाई लड़ी, मगर अभी तक सरकार ने इस निर्णय को पूरी तरह लागू नहीं किया है। सरकार को इस निर्णय को 1997 से ही लागू करना चाहिए। सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि पुरानी 4-9-14 को मूलरूप से लागू किया जाएगा। मगर 7-7-2014 और 9-9-14 की अधिसूचनाओं को वापस नहीं लिया गया है। पीटीए प्रवक्ताओं को जल्द नियमित करने और इन्हें भी तबादला करवाने का मौका प्रदान करने, पीजीटी आईपी को लाइब्रेरी के चार्ज से मुक्त किया जाना चाहिए और आईपी विषय पढ़ रहे छात्रों से 110 रुपये फीस भी नहीं ली जानी चाहिए। अनुबंध से नियमित हुए पीजीटी को ज्वाइनिंग की तिथि से वरिष्ठता लाभ दिए जाने चाहिए।