नादौन(हमीरपुर)। क्षेत्र के प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल कालेश्वर महादेव मंदिर परिसर की तस्वीर शीघ्र ही बदलने वाली है। इसके जीर्णोद्धार की संभावनाओं के लिए जिला कांगड़ा के उपायुक्त संदीप कुमार सहित पुरातत्व विभाग तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों ने रविवार को इस मंदिर का अधिकारिक दौरा किया। इस अवसर पर असिस्टेंट सोलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया अशोक कौंडल, पुरातत्व विभाग की ओर से राजेश शर्मा, एसडीएम देहरा मलोक सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर उपायुक्त कांगड़ा ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उच्च स्तरीय टीम ने मौका का निरीक्षण किया। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार टीम ने मंदिर परिसर की भूमि तथा अन्य तथ्यों की जानकारी हासिल की है।
उन्होंने बताया कि मंदिर की पूरी भूमि का सर्वेक्षण किया गया है। यह एक ऐतिहासिक धरोहर है और यदि पुरातत्व विभाग के मानकों के अनुसार यहां संभावनाएं बनती हैं तो विभाग द्वारा इसका अधिग्रहण किया जा सकता है। ऐसी परिस्थिति में इस मंदिर की देखरेख तथा इसके ऐतिहासिक महत्व को संजोए रखने की जिम्मेवारी विभाग के पास आ जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि विभाग यहां कार्य करेगा तो इस मंदिर के ऐतिहासिक तथा वास्तविक स्वरूप को और अधिक तरीके से संवारा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए यहां से संबंधित पूरा प्रारूप बनाकर विभाग को भेजा जा रहा है। पुरातत्व विभाग के आकलन के बाद ही यह संभव हो पाएगा। उन्होंने बताया कि मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को बरकरार रखते हुए इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से भी उबारने की योजना है। क्योंकि हर वर्ष स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से भी काफी संख्या में पर्यटक यहां पर आते हैं।