हमीरपुर। जिला मुख्यालय के साथ लगते हथली खड्ड पुल के पास स्थित स्वास्थ्य विभाग के भवन का मीटर शिक्षा विभाग के नाम होने से बिजली बोर्ड के 1.11 लाख बिजली बिलों के फंस गए हैं। भवन और मीटर सरकारी रिकॉर्ड में अलग-अलग होने के असमंजस के कारण बिजली बोर्ड को उक्त भवन में लगे बिजली मीटर के बिलों का भुगतान एक अरसे से नहीं हुआ है। वर्तमान में भवन स्वास्थ्य विभाग के नाम है और उसमें लगा बिजली मीटर शिक्षा विभाग के नाम है। कुछ माह पहले यह भवन शिक्षा विभाग का था। जिसे मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के नाम कर दिया गया। वर्तमान में इस बहुमंजिला भवन में सीएमओ कार्यालय और मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल व फैकल्टी मेंबर के कार्यालय चल रहे हैं।
भवन तो स्वास्थ्य विभाग के नाम हो गया है, लेकिन उसमें लगा बिजली मीटर शिक्षा विभाग के नाम से ही चल रहा है। बिजली बिलों को भरने में दोनों ही विभाग नाकाम साबित हुए हैं। जहां एक तरफ स्वास्थ्य विभाग बिजली बोर्ड को विभाग के नाम बिल जारी न होने का हवाला देता है। वहीं शिक्षा विभाग अब भवन से कोई लेना देना न होने का हवाला देता है। हालांकि बिजली बोर्ड ने दोनों ही विभागों को कई बार बिलों के भुगतान के बारे में बोला है, लेकिन दोनों विभागों में से कोई भी विभाग बिलों की अदायगी नहीं कर रहा है। इस कारण अब बिजली बोर्ड मझधार में फंसा हुआ है। भवन में लगा बिजली मीटर शिक्षा विभाग के नाम है। इसलिए बिजली बिल भी विभाग के नाम ही जारी होते हैं। इस कारण बोर्ड को इन बिजली बिलों की राशि की अदायगी नहीं हो रही है। इस संबंध में बिजली उपमंडल-2 के एसडीओ राकेश कुमार वर्मा का कहना है कि मीटर और भवन की असमंजस में बिजली बोर्ड के 1.11 लाख फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभागों से जल्द इन बिलों का भुगतान करने की अपील की गई है।