अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। हमीरपुर पुलिस थाने के अंतर्गत आते पुलिस सहायता कक्ष भोटा को बंद करने के फरमान पर स्थानीय लोग भड़क गए हैं। पुलिस सहायता कक्ष को यथावत चालू रखने की मांग को लेकर बड़सर विधानसभा क्षेत्र के एक दर्जन पंचायतों के जनप्रतिनिधि बुधवार को पुलिस अधीक्षक हमीरपुर के पास पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक से जनहित में इस पुलिस सहायता कक्ष को बंद न करने तथा पुलिस सहायता कक्ष का दर्जा बढ़ाकर पुलिस स्टेशन करने की मांग उठाई है।
इस मौके पर नगर पंचायत भोटा के पार्षद एवं पूर्व चेयरमैन शरण प्रसाद, उपाध्यक्ष अरुण सोनी, मोरसू से हको राम, करेर पंचायत के प्रधान सुदर्शन शर्मा, सुशील, सुरजीत कटोच, अत्तर चंद, राजेश कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि भोटा नगर पंचायत क्षेत्र है। इसके आसपास एक दर्जन से अधिक पंचायतें आती हैं। अपराध को खत्म करने के लिए यहां पर पुलिस चौकी का होना बहुत जरूरी है। अगर भोटा पुलिस चौकी को बंद किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। वहीं, पुलिस सहायता कक्ष भोटा वर्ष 2012 से नगर पंचायत भोटा के विश्रामगृह में और पुलिस सहायता कक्ष बिझड़ी खेल मैदान की सीढ़ियों के नीचे बने स्टोर से चल रहा है। एएसआई रैंक के पुलिस अधिकारी और स्टाफ को इन दोनों जगह कोई सुविधा नहीं मिल रही है। यहां तक पुलिस के पास यहां पर अपना कोई वाहन तक नहीं। वहीं, नगर पंचायत ने पुलिस विभाग को पत्र जारी कर पिछले सात साल का किराया मांगा है। जिसके बाद जिला पुलिस ने इस मामले को शिमला मुख्यालय में उठाया। जहां से पुलिस सहायता कक्ष भोटा को बंद करने के निर्देश मिले हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि भोटा और बिझड़ी में पुलिस विभाग के पास अपने भवन नहीं हैं। दोनों जगह किराये के भवनों में कार्य चल रहा है। नगर पंचायत ने किराया मांगा है, जिसके चलते भोटा में पुलिस सहायता कक्ष चलाना मुश्किल है। जनप्रतिनिधियों की बात को सुना गया है, इस मामले को दोबारा शिमला मुख्यालय में उठाया जाएगा।