हमीरपुर। जिले के गांव नालटी और धनेड़ में कृषि विक्रय केंद्र डेढ़ साल से बंद पड़े हैं। इससे क्षेत्र के किसानों को कृषि औजार, खाद और बीज आदि के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक ज्ञान चंद शर्मा, कर्नल सुंदर शर्मा, सुभाष चंद, हरि कृष्ण, पवन कुमार, बाबू राम और ज्योति प्रकाश ने कहा कि कृषि विभाग ने कुछ साल पहले इन दो पंचायतों के किसानों को घर के नजदीक सुविधा देने के लिए कृषि विक्रय केंद्र खोले थे।
डेढ़ साल से यह दोनों विक्रय केंद्र बंद पड़े हैं। जिसके चलते किसानों को बीज, कीटनाशक और कृषि औजार के लिए निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है। किसानों को प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही उपदान की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। किसानों ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उपदान पर कृषि बीज, कृषि उपकरण आदि देने की बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन, धरातल पर इन योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा। उन्होंने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग से नालटी और धनेड़ में बंद पड़े कृषि विक्रय केंद्रों को खोलने की मांग की है। उधर, कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डॉ. युद्धवीर सिंह पठानिया ने कहा कि विभाग में स्टाफ की कमी के कारण कुछ कृषि विक्रय केंद्रों में अतिरिक्त चार्ज से काम चलाया जा रहा है। अगर किसानों को कोई दिक्कत पेश आ रही है तो सीधे उनसे भी मिल सकते हैं।
उप-डाकघर नालटी में स्पीड पोस्ट की सुविधा भी बंद
उप-डाकघर नालटी में करीब एक साल से स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक सेवाएं बंद पड़ी हैं। लोगों को त्वरित डाक सेवाओं के लिए मीलों दूर हमीरपुर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब भी वह नालटी डाकघर जाते हैं तो मौजूदा कर्मचारी मशीन खराब होने का तर्क देते हैं और उन्हें दूसरे डाकघर जाने के लिए कहते हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र इस सेवा को बहाल करने की मांग की है।