हमीरपुर जिले की एक खड्ड में मछली का बीज डालते हुए कर्मचारी। विभाग
हमीरपुर। मत्स्य पालन से जुड़े मछुआरों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए मत्स्य विभाग ने हमीरपुर जिला की चार विभिन्न खड्डों में मछली की विभिन्न प्रजातियों का 1.42 लाख बीज डाला है। इससे जहां उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और मछली विक्रेताओं व मछुआरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत नदीय मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से यह बीज डाला गया है। मत्स्य विभाग हमीरपुर ने जिले की चार खड्डों कुनाह, मान, चाहव सीर खड्ड तथा सलासी में मछली का बीज डाला गया है। जिले में मान और कुनाह खड्ड में एक लाख 20 हजार मछली का बीज, चाहव में 12 हजार और सलासी खड्ड में 10 हजार मछली का बीज डाला गया है।
जिले में 100 एमएम और 70 एमएम का बीज डाला गया है। इन खड्डों में रोहू, कतला और मृगल मछली का बीज डाला गया है, ताकि मछली की पैदावार को बढ़ाया जा सके। जिले में पिछले दो वर्षों में मछली की पैदावार बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2024-25 में 676.3 मीट्रिक टन का उत्पादन दर्ज किया गया था, जबकि वर्ष 2025 में अप्रैल से लेकर दिसंबर तक 447.5 मीट्रिक टन का उत्पादन दर्ज किया जा चुका है।
मत्स्य विभाग ने इस वर्ष करीब 700 मीट्रिक टन उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2023-24 में करीब 631 मीट्रिक टन उत्पादन किया था। इसके बाद 100 और 70 एमएम का बीज डालने के बाद उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गौर हो कि जिले में 583 मछुआरे मछली का आखेट कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं, जबकि 100 से अधिक मछली विक्रेता अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर रहे हैं। हमीरपुर जिले में मछली आखेट को लेकर अधिक संसाधन उपलब्ध नहीं होने पर इन्ही खड्डों पर निर्भर हैं।
कोट :
हमीरपुर जिले की चार खड्डों में 1.42 लाख मछली का बीज डाला गया है। इसका उद्देश्य मत्स्य आखेट से जुड़े लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करना है। जिले में करीब 583 मछुआरे और 100 से अधिक मछली विक्रेता हैं। यह बीज प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत डाला गया है। इन खड्डों में रोहू, मृगल और कतला मछली का बीज डाला गया है।
-अजय कुलदीप, एफओ, मत्स्य विभाग, हमीरपुर