हमीरपुर। राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि पूरे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षकों ने काले बिल्ले लगाकर प्रदेश सरकार की ओर से उनकी मांगे न मानने पर रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि संघ के साथ शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा सचिव और शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। इसमें संघ के 48 सूत्रीय मांग पत्र पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई थी। इस दौरान कई मांगों को शिक्षा मंत्री ने पूरा करने का संघ को भरोसा दिया गया था लेकिन, अभी तक कोई मांग पूरी नहीं हुई। चौहान ने कहा है कि शिक्षा विभाग ने 38 स्कूल प्रवक्ताओं की एक वर्ष की वार्षिक वेतन वृद्धियां देने पर रोक लगा दी है।
कम परिणाम आने के सही कारणों को बिना जांचे केवल शिक्षकों को ही दोषी ठहरा कर सरकार और शिक्षा विभाग शिक्षा के प्रति अपनी गलत नीतियों को छुपाने की कोशिश कर रहा है। चौहान ने कहा कि राजकीय अध्यापक संघ काले बिल्ले लगाकर केवल सरकार को शिक्षा और शिक्षकों की मांगों के प्रति सरकार को उसकी प्रतिबद्धता याद दिलाना चाहता है न कि कोई टकराव पैदा करना चाहता है। संघ जल्द ही इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के साथ प्रधानमंत्री और संसाधन मंत्री को देगा। इस मौके पर महासचिव नरेश महाजन, मुकेश शर्मा, कैलाश ठाकुर, अरुण गुलेरिया, सरोज महता, विजय गोस्वामी, विशाल ठाकुर, विकास महाजन, अरुण पठानिया, कुलदीप सिंह, डीपी शर्मा, अश्वनी गुलेरिया आदि मौजूद रहे।