गलोड़ (हमीरपुर)। विकास खंड नादौन की एक पंचायत में प्रधान पर मनरेगा के तहत लगे फर्जीवाड़े के आरोपों की जांच के लिए बुधवार को दो शिकायतकर्ताओं और पंचायत प्रधान को विकास खंड कार्यालय नादौन में बुलाया गया। इस जांच में जुटे विकास खंड अधिकारी पर अब शिकायतकर्ताओं ने भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि विकास खंड अधिकारी ने पहले सभी को अपने कमरे में बुलाया। जब वे उनके कमरे में कुर्सी पर बैठे थे तो उसी समय अचानक विकास खंड अधिकारी ने उन्हें कमरे से यह कहकर बाहर निकाल दिया कि आप ने शराब पी रखी है। जबकि, वह शराब को छूते भी नहीं है और 70 साल के वरिष्ठ नागरिक हैं।
एक अन्य शिकायतकर्ता और पंचायत प्रधान कमरे में रहे, जबकि उनके पास जांच में शामिल होने के लिए लिखित आदेश आए हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि विकास खंड अधिकारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। अब प्रधानमंत्री कार्यालय से भी प्रदेश के मुख्य सचिव को इस मामले पर निष्पक्षता से जांच के आदेश आए हैं। मगर कुछ लोग अभी भी इस मामले को पूरी ताकत के साथ दबाने में लगे हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि निष्पक्षता से यदि पंचायत प्रधान पर अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो वह विकास खंड अधिकारी के कार्यालय के बाहर आत्मदाह कर लेंगे। इस बारे में विकास खंड अधिकारी नादौन तविंद्र चिनौरिया ने कहा कि उन्होंने किसी को भी कुछ नहीं कहा है। आरोप निराधार हैं। जांच निष्पक्षता से की जा रही है। बंद लिफाफे में वह जांच रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।