हमीरपुर। तापमान स्थिर न रहने से इस बार सीजन में आम की फसल जल्द नहीं पक पाएगी। जिले के बागवानों को आम की फसल पकने के लिए इंतजार करना होगा। आम के पेड़ों पर मार्च माह के शुरू में आना वाले अंकुर इस बार देरी से आया है। पिछले वर्ष अप्रैल माह में आम के पेड़ों पर छोटे-छोटे आम लगने शुरू हो गए थे। सर्दी के मौसम में लगातार बारिश होने के चलते आम के पेड़ों पर अंकुर आने में देरी हुई है। इस सीजन तापमान में गिरावट रहने के कारण आम के पेड़ों पर समय पर अंकुर नहीं आया है। आम के पेड़ों पर अंकुर आने के लिए तापमान में वृद्धि चाहिए होती है लेकिन, इस बार पेड़ों को पिछले साल की तरह तापमान नहीं मिल पाया है। अप्रैल माह में आम के पेड़ों पर छंटाई होना शुरू हो जाती है। इसमें अंकुर के बाद आम बनना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
जिले में आम के पेड़ों पर अभी तक अंकुर ही देखा जा सकता है। इस वर्ष तापमान में कमी और वृद्धि होने का क्रम चला हुआ है। अभी तक तापमान स्थिर नहीं हो पाया है। पिछले साल आम की सीजन ऑन था। इस वर्ष आम का सीजन ऑफ रहेगा। इस कारण आम की फसल कम हो सकती है। हमीरपुर में खासकर दशहरी आम की फसल काफी अधिक होती है। यह आम जून 25 के बाद पकना शुरू होता है। जबकि, देसी आम जुलाई माह में पकना शुरू होता है लेकिन, दशहरी आम इस बार थोड़ा देरी से पकेगा। पिछले साल जिले में आम का करीब 3500 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। इसमें नादौन ब्लॉक में 870 और बिझड़ी ब्लॉक में 812 मीट्रिक टन आम का सबसे ज्यादा उत्पादन हुआ है। जबकि, अन्य ब्लॉकों में इनसे कम और एक जैसा आम का उत्पादन हुआ है।
इस बार तापमान में रहा उतार-चढ़ाव : पवन
उद्यान विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डॉ. पवन ने कहा कि इस बार आम के पेड़ों में अंकुर देरी से आया है। उन्होंने कहा कि इस बार तापमान काफी ऊपर और नीचे रहा है। इस कारण अंकुर आने में देरी हुई है।