हमीरपुर। समय दोपहर 12 बजकर 14 मिनट हुए हैं। बस अड्डा हमीरपुर के प्रवेश द्वार पर बसों के इंतजार के लिए लोगों की भीड़ लगी है। इस दौरान पूरे बस अड्डे पर निगम की महज एक बस ही रूट पर जाने के लिए काउंटर पर लगी है। यह बस भी हमीरपुर से धनेटा के लिए लगी है। इस बस में आधा दर्जन के करीब सवारियां बैठी हैं। 12 बजकर 21 मिनट पर बस अड्डे के बाहर प्रवेश द्वार से निकासी द्वार तक की सीढ़ियों पर पर बैठकर यात्री बसों का इंतजार कर रहे हैं। यह यात्री लंबलू, भोरंज, जाहू, नालटी, अणु, कुठेड़ा, सुजानपुर, मैहरे, सलौणी रंगस, कांगू आदि स्थानों पर जाने के लिए सरकारी बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इन रूटों के लिए कोई बस नहीं है। वहीं, कई लोग तो निजी बस में ही बैठ गए, लेकिन जिन रूटों के लिए निजी बस भी नहीं है, वह टैक्सियां लेने के लिए टैक्सी स्टैंड की ओर गए।
12 बजकर 34 मिनट पर बस अड्डे में सामान लेकर खड़ी महिलाएं बसों का इंतजार कर रही हैं, लेकिन सरकारी बस नहीं है। हमीरपुर डिपो के कुल 157 रूटों में से शनिवार को महज 47 रूटों पर ही बसें चलीं। जबकि, 110 रूट बंद रहे। इन 110 रूटों में चार अंतरराज्यीय और 106 लोकल रूट बंद रहे। 106 रूटों पर बसें बंद रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग टैक्सियों में अपने गंतव्य तक पहुंचे। उन्हें आर्थिक हानि के साथ-साथ समय की हानि भी हुई। बस अड्डा हमीरपुर के प्रभारी यशपाल ने कहा कि छुट्टी के चलते 110 रूटों पर बसें नहीं गईं। इनसे अधिकतर लोकल रूटों पर ही बस सेवा बंद थी। छुट्टी वाले दिन सवारियों की कमी के रहते निगम प्रबंधन केवल महत्वपूर्ण रूटों पर ही बसें भेजता है। जरूरी रूटों पर बसें गईं थी।
क्या कहते हैं लोग-
काफी देर तक बस अड्डे पर इंतजार करना पड़ा : रमेश
रमेश चंद ने कहा कि लोकल रूटों पर बसें चलनी चाहिए। केवल सरकारी कर्मचारियों को ही छुट्टी होती है, जबकि निजी कामों पर जाने वाले और अन्य प्राइवेट नौकरी करने वाले अपने कार्यस्थलों पर जाते हैं। शनिवार को बसें न होने के कारण काफी देर तक बस अड्डे पर इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बस अड्डे पर बिना मास्क के भी बहुत लोग घूम रहे हैं।
लोगों की सहूलियत के लिए सभी लोकल रूटों पर चले बसें : युद्धवीर
युद्धवीर पटियाल ने कहा कि लोगों की सहूलियत के लिए सभी लोकल रूटों पर अब बसें पहले की तरह चलाई जाएं। बसें न होने के कारण लोगों को अड्डे पर घंटों इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जहां सरकारी बसों में किराये में रियायत मिलती है, वहीं शनिवार को उन्हें प्राइवेट बसों में अधिक किराया देकर अपने गंतव्य जाना पड़ा।
लोकल सवारियों को नहीं बैठाते प्राइवेट बस वाले: अनीता
अनीता देवी ने कहा कि अणु जाना है पर सरकारी बस नहीं है। प्राइवेट बस वाले लोकल सवारियों को नहीं बैठाते हैं। इस कारण परेशानी होती है। सरकारी बसें चलनी चाहिए, ताकि लोगों को अपने गं जाने में परेशानी न हो।
निगम ने काफी रूट रखे हैं बंद : आदित्य
आदित्य ने कहा कि बसें न होने से अपने गंतव्य तक जाने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि निगम ने काफी रूट बंद रखे हैं। जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवाजाही में दिक्कत होती है। उन्होंने मांग की है कि लोकल रूटों पर बसें चलनी चाहिए, ताकि परेशानी न हो।