हमीरपुर। एच-1 रजिस्टर नहीं रखने वाले केमिस्टों को अब विभाग को अंडरटेकिंग देनी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने केमिस्टों को अपने-अपने मेडिकल स्टोर या दुकान में एच-1 रजिस्टर मैनटेन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कई केमिस्ट यह रजिस्टर मैनटेन नहीं कर रहे हैं। ऐसे केमिस्टों को अब विभाग को अंडरटेकिंग देनी होगी। केमिस्टों के पास मौजूद एच-1 रजिस्टर में 46 प्रकार की दवाइयों का अलग से रिकॉर्ड होता है। जिला स्वास्थ्य विभाग एच-1 रजिस्टर मैनटेन करवाने के लिए एक सप्ताह के बाद केमिस्टों से मीटिंग करेगा। इसमें विभाग के ड्रग निरीक्षक केमिस्टों को रजिस्टर मैनटेन करने के बारे में बताएंगे।
एच-1 रजिस्टर प्रत्येक केमिस्ट की दुकान पर होना जरूरी है। रजिस्टर में अकेले क्षय रोग की ही 12 दवाइयों का रिकॉर्ड होता है। केमिस्टों का कहना है कि क्षय रोग की दवाइयां सरकार द्वारा मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसके अलावा ऐसी कई दवाइयां जिनका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है, सरकार द्वारा मुफ्त दी जा रही हैं। ऐसे में केमिस्ट उन दवाइयों को नहीं रख रहे हैं और रजिस्टर मैनटेन नहीं कर रहे हैं। ड्रग इंस्पेक्टर हमीरपुर डॉ. पंकज का कहना है कि एच-1 रजिस्टर नहीं रखने वाले केमिस्टों को अब विभाग को अंडरटेकिंग देनी होगी। कई केमिस्ट इस रजिस्टर को मैनटेन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में विभाग केमिस्टों के साथ जोन वाइज बैठक कर रजिस्टर मैनटेन करने के बारे में बताएगा।