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धर्मपुर को मेवा लगवालती पेयजल योजना के साथ जोड़ने पर विवाद

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अवाहदेवी(हमीरपुर)। चौंसठ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सूबे की पहली कंप्यूटराइज्ड पेयजल स्कीम से मंडी जिला के धर्मपुर इलाके के लोगों को पानी देने पर विवाद खड़ा हो गया है। बमसन, मेवा-लगवालती पेयजल योजना के साथ धर्मपुर क्षेत्र के गांवों को जोड़ने पर पंचायत प्रतिनिधि और लोग भड़क गए हैं। लोगों का कहना है कि इस स्कीम के साथ मंडी जिला के धर्मपुर क्षेत्र के गांवों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पेयजल स्कीम के अवाहदेवी टैंक से हयोड़ गांव वासियों के लिए जो पाइप लाइन बिछाई गई है, उससे सरकाघाट के अवाहदेवी में बने टैंक को जोड़ने के लिए वीरवार को कर्मचारी काम पर जुटे हुए थे। लोगों को इसकी भनक लगते ही चंबोह पंचायत के उपप्रधान केहर सिंह, वार्ड सदस्य महेंद्र सिंह तथा बलवीर सिंह ठाकुर, कांगडू राम, सुरेश कुमार आदि ने मौके पर पहुंच कार्य में जुटे कर्मचारियों को रोक दिया।
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इस स्कीम से बमसन और भोरंज 319 गावों की बजाय 374 गांवों की जनता की प्यास बुझाई जा रही है। हालत ऐसे हैं कि प्रतिदिन 1 करोड़ 10 लाख लीटर पानी उठाया जा रहा है। जबकि योजना के मुताबिक प्रतिदिन 64 लाख लीटर पानी उठाया जाना था। इस योजना में क्षमता से ज्यादा कार्य पहले ही लिया जा रहा है। जिस कारण भविष्य में यह स्कीम कभी भी हांफ सकती है। वर्तमान में भी भोरंज क्षेत्र की जनता को पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अगर यह पानी धर्मपुर को भी दे दिया गया तो बमसन और भोरंज के क्षेत्र में फिर से पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा। लोगों का कहना है कि अगर इस स्कीम से कोई छेड़छाड़ हुई तो विभाग और सचिवालय का घेराव किया जाएगा। इस संबंध में अधिशासी अभियंता बड़सर राजेंद्र कुमार का कहना है कि सरकाघाट से पानी समस्या के लिए फोन आया था, लेकिन उन्होंने लाइन को जोड़ने की कोई भी अनुमति नहीं दी थी।
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