वर्ष 2023 की बरसात में आपदा आने से स्कूल की हालत खराब हो गई थी। तकनीकी टीम ने स्कूल भवन के छह कमरों को को असुरक्षित घोषित कर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों के लिए बैठने की समस्या पैदा हो गई। शिक्षक तीन टीन के शेड के नीचे छह कक्षाएं लगाने पर मजबूर हैं। स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद शिक्षा विभाग ने मरम्मत का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा। हालांकि नया स्कूल भवन बनाने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग ने तैयार किया है। हालात ये है कि अभी नये भवन बनाने के लिए भी बजट नहीं आया।
ऐसे में कार्य भी शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय लोग और स्कूल प्रबंधन ने फिर सरकार से भवन बनाने के लिए पत्राचार किया है। इसका भी कोई जवाब नहीं मिल पाया है। दो साल से विद्यार्थियों के लिए न तो नया भवन है और न ही पुराने भवन की मरम्मत हो सकी है। विद्यार्थियों को मजबूरी में टीन से बने शेड में पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल में छठी से लेकर जमा दो तक 170 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों को हर मौसम में पढ़ाई करने के लिए भी दिक्कत आ रही है। स्कूल भवन सही नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई में भी बाधा आती है। अधिकतर परेशानी परीक्षाओं के दौरान आ रही है।