हिमाचल सरकार ने सरकारी आवास आवंटन नियमों में बदलाव किया है इन्हें और करुणामूलक बनाने के लिए अब सरकारी सेवा के दौरान मृत्यु होने वाले कर्मचारी के परिवार को कुछ सुरक्षा दी गई है।
अधिसूचना के अनुसार अब सरकारी सेवा के दौरान या रिटायर होने के बाद पति की मौत होने की सूरत में पत्नी को उसकी पात्रता के अनुसार सरकारी मकान मिलेगा।
बशर्ते, वे सरकारी सेवा में हो। नौकरी चाहे बोर्ड या निगम में हो या अनुबंध पर।
यह होंगी शर्तें
इससे पहले अनुबंध या बोर्ड-निगमों के कर्मचारियों के लिए यह प्रावधान नहीं था। सामान्य परिस्थितियों में सरकारी कर्मचारी की मौत होने के चार महीने बाद सरकारी मकान छोड़ना होता है।
डेपुटेशन पर प्रदेश से बाहर जाने वाले अफसरों के परिवार भी नए संशोधन के दायरे में लाए गए हैं। नए नियमों की अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव सुभाषीश पांडा की ओर से जारी कर दी गई है।
ग्रेड-पे के आधार पर भी तय होगी पात्रता
एक और संशोधन यह हुआ है कि छह महीने से अधिक के डेपुटेशन पर जाने वाले अफसरों के परिवार में यदि पत्नी सरकारी सेवा में है, तो परिवार को उनकी गृह पात्रता के हिसाब से मकान मिलेगा।
राज्य में छठा वेतन आयोग लागू होने के बाद ग्रेड-पे के आधार पर मकान की पात्रता तय हुई है। राज्य में इस समय करीब 3200 सरकारी मकान हैं, जो सामान्य पूल में हैं। इनके लिए सरकारी कर्मचारियों में प्रतिस्पर्धा रहती है।