हिमाचल के मंडी जिले की चच्योट तहसील के जेल गांव में रसोईघर में सोई एक नाबालिग की चूल्हे की आग में जलने से मौत हो गई।
इस मामले में परिजनों ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। सूचना मिलते ही एसडीएम गोहर अनिल भारद्वाज ने पटवारी को मौके पर भेजकर पीड़ित परिवार को फौरी राहत के तौर पर पांच हजार रुपये की राशि प्रदान की।
धिश्ती पंचायत प्रधान मुरारी लाल राणा ने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित सहायता राशि देने की मांग की है।
धिश्ती पंचायत के प्रधान मुरारी लाल राणा ने बताया कि शनिवार को मौसम खराब होने के कारण कुशाल सिंह ने अपनी बीमार बेटी तेजिंद्रा (11 साल) को रसोई घर में चूल्हे के पास सुलाया था।
इसी दौरान शाम करीब छह बजे लड़की के बिस्तर ने चूल्हे से आग पकड़ ली। जब तक मां गायत्री को आग का पता चलता तेजिंद्रा बुरी तरह झुलस चुकी थी।
परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से तुरंत 108 एंबुलेंस से बच्ची को सीएचसी गोहर पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे मंडी रेफर कर दिया।
लड़की की गंभीर हालत को देखते हुए वहां के चिकित्सकों ने उसे आईजीएम सी शिमला रेफर कर दिया। शिमला ले जाते समय नेरचौक के पास तेजिंद्रा ने दम तोड़ दिया।