मंडी जिले में ब्यास नदी पर बनने वाले 191 मेगावाट के थाना प्लौन बिजली प्रोजेक्ट को जर्मनी फंड करेगा। जर्मन विकास वित्तीय संस्थान (केएफडब्ल्यू) ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। प्रोजेक्ट ऊर्जा निगम बना रहा है।
यह सहायता शौंगटौंग कड़छम जल विद्युत परियोजना के इलेक्ट्रो-मेकेनिकल कार्यों को 150 मिलियन यूरो के वर्तमान लोन के अलावा होगी। जर्मनी की यह एजेंसी थाना प्लौन प्रोजेक्ट के तकनीकी अध्ययन को 13 करोड़ अनुदान भी देगी।
मंगलवार शाम को ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया से मुलाकात के दौरान केएफडब्ल्यू के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने यह जानकारी दी। इसमें ईवा मारिया, डा. थिलो स्टीफन और विनीतेश कुमार शामिल थे।
इस दौरान पठानिया ने कहा कि केएफडब्ल्यू ने हिमालय विकास कार्यक्रम में परियोजना को 1700 करोड़ की वित्तीय सहायता पर सहमति दी है। सरकार थाना प्लौन परियोजना को 20 प्रतिशत इक्विटी देगी।
परियोजना के लिए 107 मीटर ऊंचा तथा 221 मीटर लंबा कंकरीट ग्रेविटी डैम बनाया जाएगा। इसकी भंडारण क्षमता 4.5 करोड़ क्यूबिक मीटर होगी।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने तैयार की है, जिसे टेक्नो-इक्नॉमिक स्वीकृति के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण एवं केंद्रीय जल आयोग को भेजा गया है। परियोजना का निर्माण 2015 में शुरू होगा।
चार वर्षों में बनकर तैयार होगी। कार्य पूरा होने पर यह 69 करोड़ यूनिट प्रति वर्ष ऊर्जा उत्पादन करेगी। इससे राज्य कोष को 276 करोड़ वार्षिक आय होगी। प्रधान सचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी, ऊर्जा निगम के एमडी डीके शर्मा भी साथ थे।