मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को एचआरटीसी की बसों में शैक्षणिक सत्र 2013 से मुफ्त यात्रा की सुविधा देगी। इससे स्कूल से विश्वविद्यालय तक के लाखों छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 450 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए महीना कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री 43वें पूर्ण राज्यत्व दिवस पर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुन्नी में राज्य स्तरीय समारोह में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कटासनी में बहुद्देश्यीय खेल स्टेडियम बनाने और धामी में उपतहसील खोलने का ऐलान किया। शिमला ग्रामीण में एक आईटीआई भी खोली जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, आईआरबी, होमगार्ड तथा एनसीसी की परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व डीएसपी रतन सिंह नेगी ने किया।
संबोधन में वीरभद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 1971 में लगभग नगण्य से शुरुआत कर आज हिमाचल प्रदेश न केवल पहाड़ी क्षेत्रों बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए विकास का अगुआ बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के संस्थापक और पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने न केवल पूर्ण राज्यत्व प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया, अपितु प्रदेश के विकास की सुदृढ़ नींव भी रखी।
सीएम ने कहा कि हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा इंदिरा गांधी ने दिलवाया था। आज हिमाचल को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का आशीर्वाद प्राप्त है। वीरभद्र ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार बढ़ती बेरोजगारी को कम करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए वचनबद्ध है और चुनाव घोषणा पत्र पर भी काम शुरू कर दिया है। अगले पांच साल में सिंचित कृषि क्षेत्र में करीब 40 फीसदी वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार 100 से ज्यादा आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ेगी।