पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने की विक्रमादित्य ने उठाई शपथ
लोक निर्माण मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को रिज मैदान से भावुक भाषण दिया। पिता वीरभद्र सिंह के अधूरे सपनों को पूरा करने की विक्रमादित्य ने शपथ उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिमा का अनावरण केवल पत्थर में ढला एक रूप नहीं है। यह जनभावनाओं का प्रतीक है। सच्चा जननेता वह होता है, जो सत्ता को सेवा का माध्यम मानता है और राजनीति को जनसेवा की साधना।
विक्रमादित्य ने कहा कि आज का यह दिन मेरे जीवन के सबसे भावनात्मक क्षणों में से एक है। हम एक ऐसे युगपुरुष की स्मृति को नमन करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन हिमाचल की सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित किया। वीरभद्र सिंह अकसर कहते थे कि सत्ता का अर्थ है जिम्मेदारी और जिम्मेदारी का अर्थ है लोगों के विश्वास पर खरा उतरना। उन्होंने जीवनभर इस मंत्र को जिया। चाहे शिक्षा का विस्तार हो, सड़कें और पुल हों, स्वास्थ्य सेवाओं का विकास हो या युवाओं के लिए रोजगार के अवसर। हर जगह वीरभद्र सिंह की भावना और दृष्टि दिखाई देती है। यह प्रतिमा हमें हर पल यह याद दिलाती रहेगी कि उनके आदर्शों पर चलना है। मुझे गर्व है कि मैं उनका पुत्र हूं, लेकिन उससे भी अधिक जिम्मेदारी का अहसास है कि मुझे उनके आदर्शों को आगे ले जाना है। आज इस प्रतिमा के समक्ष मैं प्रतिज्ञा लेता हूं कि पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए जीवन का हर क्षण जनता की सेवा में समर्पित करूंगा।
शिमला आने के लिए कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमेशा वीरभद्र सिंह पर और हमारे परिवार पर स्नेह व विश्वास बनाए रखा। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के आशीर्वाद से ही आज हम इस उत्तरदायित्व को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1983 में वीरभद्र सिंह को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया, जिसके बाद विकास का नया अध्याय लिखा गया। विक्रमादित्य ने कहा कि वीरभद्र सिंह केवल एक नाम नहीं थे। वह हिमाचल की आत्मा थे। वह हर किसान में थे, जो खेतों में पसीना बहाता है, हर नौजवान में थे, जो अपने भविष्य के सपने देखता है और हर मां के दिल में थे जो अपने बच्चों के बेहतर कल की उम्मीद रखती है।
सादगी का जीवन जीते हुए, जनता की सेवा का लें प्रण : प्रतिभा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण के मौके पर रिज मैदान शिमला में पहुंचे नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम जनता का सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज का यह दिन उनके व कांग्रेस परिवार के लिए अति गौरवशाली है।
इस अवसर पर सभी को सादगी का जीवन जीते हुए जनता की सेवा का प्रण लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए काम करना चाहिए। गांधी परिवार ने वीरभद्र सिंह का सत्कार किया है। सोनिया और प्रियंका गांधी दिल्ली से विशेष तौर पर प्रतिमा के अनावरण के लिए आए हैं। गांधी परिवार ने हमारे जज्बातों का विशेष ध्यान रखा है। पांगी, भरमौर और चंबा जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से लोग अपनी श्रद्धांजलि देने के लिए शिमला आए हैं।
बता दें कि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे। 1962 में पहली बार लोकसभा सांसद बने और उन्होंने 13 चुनाव लड़े। उन्होंने केंद्र में इस्पात, उद्योग, पर्यटन और लघु उद्योग मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 47 वर्षों के राजनीतिक जीवन में वह नौ बार विधायक और पांच बार सांसद रहे। आधुनिक हिमाचल के निर्माता कहे जाने वाले वीरभद्र सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 8 जुलाई 2021 को उन्होंने शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली।