बिजली आपूर्ति बाधित अवधि के मामले में डलहौजी सबसे ऊपर
बिजली आपूर्ति की औसत बाधित अवधि के मामले में डलहौजी मंडल 1,287.06 मिनट के साथ सबसे ऊपर रहा। यहां प्रति उपभोक्ता औसतन करीब 21.5 घंटे की बाधित आपूर्ति दर्ज की गई। हमीरपुर में यह अवधि 1,014.27 मिनट यानी करीब 16.9 घंटे रही। बिलासपुर में 875.52 मिनट और कुल्लू में 556.73 मिनट तक आपूर्ति बाधित रही। इसके विपरीत, रामपुर मंडल में यह अवधि महज 74.36 मिनट यानी करीब 1.24 घंटे रही। देहरा में 140.76 मिनट, ऊना में 174.89 मिनट और मंडी में 205.35 मिनट की औसत बाधित अवधि दर्ज की गई। तीन महीने के दौरान अलग-अलग मंडलों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में बड़ा अंतर रहा। बिजली आपूर्ति में रुकावटों की औसत आवृत्ति के मामले में देहरा मंडल 40.43 के साथ सबसे ऊपर रहा। डलहौजी में यह आंकड़ा 39.96, नाहन में 36.16 और हमीरपुर में 35.90 दर्ज किया गया। वहीं, रामपुर में यह केवल 8.03 रहा। देहरा में आपूर्ति बार-बार बाधित होने की स्थिति सामने आई, जबकि रामपुर में रुकावटों की आवृत्ति तुलनात्मक रूप से कम रही।
सोलन में बिजली बहाली में लगा सबसे अधिक औसत समय
बिजली बाधित होने के बाद आपूर्ति बहाल करने में लगने वाले औसत समय के मामले में सोलन मंडल 55.78 मिनट के साथ सबसे ऊपर रहा। कुल्लू में यह 36.46 मिनट और बिलासपुर में 31.03 मिनट दर्ज किया गया। इसके मुकाबले मंडी में औसत समय 7.05 मिनट और देहरा में 3.48 मिनट रहा। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बिजली आपूर्ति बाधित रहने की औसत अवधि 506.27 मिनट, रुकावटों की औसत आवृत्ति 23.25 और बिजली बहाल होने का औसत समय 21.78 मिनट दर्ज किया गया।
बिजली मंडलों की कार्यप्रणाली पर रहेगी नजर
राज्य विद्युत बोर्ड के मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) की ओर से तैयार रिपोर्ट बिजली लोकपाल को भेजी गई है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी ने बताया कि रिपोर्ट के आंकड़े बिजली आपूर्ति में सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने में मददगार होंगे।