डॉ. राजेश शर्मा ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अच्छा काम कर रहा है। इसमें अभी भी और सुधार की जरूरत है। मुख्यमंत्री अकसर कहते हैं कि पांचवीं का बच्चा दूसरी की किताब तक नहीं पढ़ पाता है। हम बच्चों को इतना सक्षम बनाएंगे कि 5वीं का बच्चा कम से कम 5वीं की किताब पढ़ सके। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का कार्यभार संभालने के बाद नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने 38वें अध्यक्ष के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाना प्राथमिकता रहेगी। मुख्यमंत्री शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर बेहद गंभीर हैं। उनके मार्गदर्शन में काम करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। बोर्ड में मूल्यांकन प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त किया जाएगा, ताकि परीक्षा परिणाम समय पर और त्रुटिरहित जारी हो सकें।
उन्होंने बताया कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, परीक्षा प्रणाली को सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों तक संसाधनों की बेहतर पहुंच पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूली बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार देने के भी प्रयास किए जाएंगे। मजबूत प्राथमिक शिक्षा ही आगे की कक्षाओं की नींव बनती है, इसलिए इस क्षेत्र में बदलाव उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
एक घंटा देरी से पहुंचे बोर्ड मुख्यालय
डॉ. राजेश शर्मा का बोर्ड मुख्यालय पहुंचने का समय मंगलवार सुबह 11:00 बजे रखा गया था। बोर्ड सचिव सहित अन्य कर्मचारी उनके स्वागत के लिए बारिश के बीच परिसर के गेट के पास डटे रहे लेकिन नवनियुक्त बोर्ड अध्यक्ष निर्धारित समय से एक घंटा देरी के बाद 12 बजे बोर्ड मुख्यालय पहुंचे। बोर्ड मुख्यालय पहुंचने पर बोर्ड कर्मचारियों ने उनका ढोल-नगाड़ों के साथ हार पहना कर स्वागत किया।
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