निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले में उपनिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। इस समिति में सेक्शन ऑफिसर, सहायक निदेशक, डिप्टी डीईओ/ओएसडी या फिर प्रिंसिपल स्तर का अधिकारी शामिल होगा। समिति द्वारा सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच संबंधित आरएंडपी नियमों के अनुसार की जाएगी। दस्तावेज सत्यापन के बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों की सूची और उनके सत्यापित दस्तावेजों का एक सेट निर्धारित प्रारूप में निदेशालय को भेजना अनिवार्य होगा।