जल स्रोतों के बैहतर संरक्षण पर सम्मानित होंगी पंचायतें
जल स्रोतों के संरक्षण के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। सरकार पारंपरिक स्रोतों के पुनर्जीवन पर भी विशेष ध्यान देगी। जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक जैन ने जिला उपायुक्तों, जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों को जल संरक्षण अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बुधवार को आयोजित बैठक में कहा कि यह अभियान सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पंचायतों, नगर निकायों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, युवा क्लबों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को भी इससे जोड़ा जाएगा। गांवों में वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज और स्थानीय जरूरतों के अनुसार छोटे-छोटे जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
साथ ही बावड़ियों, कूहलों और पोखरों जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैच द रेन-2026 अभियान के तहत जिलावार प्रगति की भी समीक्षा भी की। प्रदेश में पानी बचाने और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने जल संरक्षण अभियान तेज किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गांवों और शहरों में लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक किया जाए। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, सूख रहे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और नए जल संरक्षण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि लोगों की भागीदारी से ही पानी की कमी की समस्या का समाधान संभव है। सभी विभाग मिलकर अभियान को सफल बनाने और हर स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देने का काम करेंगे।