उन्होंने इस सफलता के लिए निदेशक मंडल, प्रबंध निदेशक विनय सिंह, अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी बैंक के इस आधुनिकीकरण की सराहना करते हुए बैंक प्रबंधन, कर्मचारियों और ग्राहकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए फिनाकल प्लेटफॉर्म से ग्राहकों को तेज लेन-देन, मजबूत साइबर सुरक्षा और निर्बाध डिजिटल बैंकिंग का अनुभव मिलेगा, जिससे बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। बैंक के प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने बताया कि 17 जुलाई की शाम पांच बजे से शुरू होकर 22 जुलाई सुबह 10 बजे तक चली डेटा माइग्रेशन प्रक्रिया बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण थी। बैंक की तकनीकी और प्रशासनिक टीम ने सूक्ष्म योजना और लगातार निगरानी के साथ इस कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा किया।
उन्होंने कहा कि बैंक के बढ़ते कारोबार और डिजिटल बैंकिंग की नई चुनौतियों को देखते हुए सॉफ्टवेयर अपग्रेड जरूरी हो गया था। उन्होंने बताया कि बैंक का कुल कारोबार अब 30 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे में ग्राहकों को बेहतर, तेज और सुरक्षित सेवाएं देने के लिए आधुनिक कोर बैंकिंग प्लेटफॉर्म की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने कहा कि बैंक प्रदेश के छह जिलों में 262 शाखाओं के माध्यम से सेवाएं दे रहा है। इनमें अधिकांश शाखाएं ग्रामीण, दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों में स्थित हैं। नए प्लेटफॉर्म के लागू होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों को भी राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के समकक्ष डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिलेगा।