राजनाथ सिंह ने आईआईटी की नई परिभाषा बताते हुए उपस्थित छात्रों से आईआईटी के बाद एक और आईआईटी करने की बात भी कही। राजनाथ सिंह ने कहा कि पढ़ाई के बाद जो आईआईटी होगी वो इनिशिएट, इम्प्रूव और ट्रांस्फॉर्म वाली आईआईटी होगी। जिसके माध्यम से आप देश के विकास में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर सामने आया है। आने वाले दिनों में यही भारत देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर सामने आएगा।
राजनाथ सिंह ने उपस्थित छात्रों से कभी भी छोटे मन से कोई काम न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी यही कहते थे कि छोटे मन से कभी कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कभी कोई खड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि सुपर पॉवर को मानो और आगे बढ़ते रहो। लेकिन कुछ तथाकथित सनातन विरोधी सुपर पॉवर को भी झूठला देते हैं। उन्हें इसका प्रमाण चाहिए होता है। लेकिन उन्हें यह नहीं मालूूम ही इंसान को जीवित रखने वाली सांस होती तो है लेकिन वो दिखाई नहीं देती।
इस मौके पर पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सीएम के प्रधान सलाहकर गोेकुल बुटेल, द्रंग से भाजपा के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, आईआईटी के बीओजी के प्रमुख कर्नल ढिल्लों और डायरेक्टर प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। समारोह के अंत में राजनाथ सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में अव्वल रहे प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।