मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार बड़े स्तर पर हरित ऊर्जा के दोहन का प्रयास कर रही है। 72 मेगावाट क्षमता की सात सौर ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए टेंडर मांगे गए हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। इनका कार्य जल्द संबंधित कंपनियों को आवंटित कर दिया जाएगा। इसके अलावा 325 मेगावाट की 8 परियोजनाओं का सर्वेक्षण एवं जांच का कार्य जारी है।
सोमवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सरकार राज्य की 200 पंचायतों को हरित पंचायत के रूप में विकसित करने की ओर अग्रसर है। इसमें 200 केवी के ग्राउंड माउंटेड सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे। इन संयंत्रों से प्राप्त आय को पंचायत के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में ऊना जिले में 32 मेगावाट की पेखुबेला सौर ऊर्जा परियाेजना को 15 अप्रैल को जनता को समर्पित किया गया था। अप्रैल से अक्तूबर 2024 तक साढ़े छह महीने की अवधि में इस परियोजना के माध्यम से 34.19 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया है, जिससे 10.16 करोड़ रुपये की आय हुई है। ऊना जिला के भंजाल में 5 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को 30 नवंबंर 2024 को शुरू कर दिया गया है, जबकि 10 मेगावाट की अघलौर सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण कार्य भी इस माह पूर्ण होना अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश को 2026 तक देश का पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश के बाल एवं बालिका व वृद्ध आश्रमों और राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूलों में ग्रिड से जुड़े रूफ टॉप सोलर प्लांट और वाटर हीटिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। हरित ऊर्जा स्रोत अक्षय हैं और समाप्त नहीं होते, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी। यह जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 टन प्रतिदिन की क्षमता के कम्प्रेस्ड बायोगैस के प्लांट की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर दी गई है।