क्वार गांव में महिलाओं की ओर से तैयार किए गए नाश्ते में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्वार गांव में रात बिताने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार सुबह शहद सिड्डू का नाश्ता करके हैलीपेड के लिए रवाना हुए। लौटते समय भी लोगों की समस्याओं को सुनते-सुनते अधिकारियों को समाधान के निर्देश देते रहे। आजादी के बाद डोडरा क्वार के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री एक नई छाप छोड़ कर लौटे हैं।
रविवार को मुख्यमंत्री और अन्य सभी अधिकारियों के लिए नाश्ते का प्रबंध महिला मंडल धंदरवाडी की ओर से किया गया था। महिलाओं ने शहद के साथ सिड्डू तैयार किए थे। साथ में ओगला के चक्कर सहित कई स्थानीय व्यंजन तैयार किए गए थे। मुख्यमंत्री के लिए तैयार किए व्यंजनों को महिलाओं ने अपने जीवन की एक यादगार बताया। इस दौरान हैलीपैड तक पहुंचते समय उन्होंने कई लोगों से मुलाकात की।
शनिवार को जनसभा से लौटने के बाद मुख्यमंत्री रात के समय हरदयान खेपान के घर पहुंचे। हरदयाल के परिवार के लोगों और गांव की महिलाओं ने देवगीत लामण से स्वागत किया गया। काफी देर तक आंगन में अलाव जाला कर लोगों से वहां के रीति रिवाज पर चर्चा करते रहे। उसके बाद रात के भोजन में उन्होंने लगभग आठ ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक भोजन का आनंद लिया।
रात के भोजन में बेथू कोदा और फाफरे की रोटी के साथ-साथ सिड्डू, ओगला, गुच्छी, राजमाह की दाल परोसी गई। मीठे में चौलाई की लिमडी को परोसा गया। गांव की महिला जयप्रदा, हेमलता और प्रतिभा ने बताया कि उन्होंने तीन चार घंटे में सारा भोजन अपने हाथों से तैयार किया है। पहली बार मुख्यमंत्री को भोजन तैयार करने वे सम्मानित महसूस कर रही हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों के आग्रह पर कई जगह फोटो भी खिंचवाए।