मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू संबोधित करते हुए।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पर लगाई रोक को लेकर कानूनी अध्ययन करेगी। जो भी कानून के दायरे में होगा उस पर आगे बढ़ेंगे। मंगलवार को पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के गोपालपुर में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव हर हाल में होंगे, लेकिन पहले सरकार की प्राथमिकता हर आपदा प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचना है। पूरे प्रदेश के रास्ते जब बहाल हो जाएंगे, तभी चुनाव कराए जाएंगे। सरकार यह नहीं चाहती कि एक भी मतदाता वोट डालने से छूट जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शानन जल विद्युत प्रोजेक्ट की लीज अब खत्म हो गई है और कानून के मुताबिक अब प्रोजेक्ट हिमाचल के पास होना चाहिए। इसे टेकओवर करने का राज्य सरकार के पास पूरा अधिकार है। जो अधिकार कानून में लिखे हैं, हम उनकी ही मांग कर रहे हैं। पंजाब पुनर्गठन के बाद अलग राज्य बने हिमाचल प्रदेश को जनसंख्या तो मिली लेकिन इसके मुख्य स्रोत नहीं मिले। पत्रकारों के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो बिजली प्रोजेक्ट हिमाचल में बने हैं और कर्ज मुक्त होकर लाभ कमा रहे हैं, उनसे हिमाचल को अब 12 फीसदी के बजाय 50 फीसदी रायल्टी मिलनी चाहिए। यह मामला उन्होंने सोमवार को फरीदाबाद में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भी उठाया है। इस बैठक में उन्होंने हरियाणा और पंजाब की तरह हिमाचल को भी भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में नियमित सदस्य बनाने की भी मांग उठाई है।