उन्होंने कहा कि भविष्य में सेवानिवृत्तियां बढ़ने पर प्रदेश के राजस्व पर और दबाव पड़ेगा। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार संसाधन बढ़ाने को सुधार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राजनीतिक लाभ लेने को यह फैसला नहीं लिया। अगर ऐसा करना होता तो आगामी चुनाव से छह माह पहले ओपीएस को लागू करते। सरकार ने कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा देने का वचन निभाया है। उधर, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने सवाल से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं मिलने को सदन का अपमान बताया।
वीरवार को प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में लगभग 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने का फैसला किया। यह फैसला लेने पर केंद्र सरकार की ओर से जो करीब 1600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण मिलता था, वह बंद हो गया। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में जितने भी कर्मचारी लगे हैं और आने वाले समय में भी जो कर्मचारी लगेंगे, उन सभी को पुरानी पेंशन मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मानवीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से ओपीएस देने का फैसला लिया है। पूर्व की भाजपा सरकार ने चुनाव के वक्त जून 2022 में 5,000 करोड़ रुपये बांटे थे। हमारी सरकार ने ऐसा नहीं किया। पहली गारंटी को पहली कैबिनेट में पूरा किया।