जांच में पता चला है कि कारोबारी इस जेली को अपने ही कारखाने में तैयार कर रहा था। न केवल अपनी दुकान, बल्कि वह इसे अन्य छोटी दुकानों पर भी सप्लाई कर रहा था। इससे खाद्य सुरक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने कारोबारी से उन दुकानों की सूची मांगी है, जहां-जहां यह जेली सप्लाई की गई थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनुज शर्मा की टीम ने बद्दी में मिठाई की दुकानों के औचक निरीक्षण के दौरान शक के आधार पर जेली का सैंपल लिया था। लैब रिपोर्ट के अनुसार जेली के पैकेट पर जो कंटेंट (सामग्री) लिखे गए थे, वे जांच में मिले ही नहीं। यह सीधे तौर पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है।
फ्रूट जेली का सैंपल मिसलीडिंग पाया गया है। कारोबारी को नोटिस जारी कर 30 दिन में दस्तावेज मांगे गए हैं। खाद्य पदार्थों पर भ्रामक जानकारी देना गंभीर अपराध है। रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. अतुल कायस्थ, सहायक आयुक्त, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग