चौहड़ा सड़क हादसे में घायलों को चंबा अस्पताल में मुफ्त इलाज नहीं मिल पाया। चौहड़ा में बस हादसे की शिकार एक महिला को देर रात चंबा अस्पताल लाया गया था, लेकिन यहां उसका सिटी स्कैन नहीं हो पाया। एक्सरे के लिए भी महिला के परिजन सुबह से दोपहर 12 बजे तक कमरे के बाहर इंतजार करते रहे। महिला के सिर पर चोट आई थी और सिटी स्कैन के बगैर चिकित्सक इलाज शुरू नहीं कर पा रहे थे।
महिला के परिजनों का कहना है कि घायल को बाथरी से चंबा लाने में काफी मुश्किल हुई। इसके बावजूद यहां पहुंचने के बाद भी उपचार नहीं मिल रहा। इससे अच्छा तो वे घायल को नूरपुर या टांडा ले जाते। घायल गिजनी देवी पत्नी प्रेम कुमार निवासी गांव बेंसका डाकघर बाथरी उम्र 46 वर्ष का एक्सरे दोपहर 12 बजे के बाद हो पाया। 12 बजे तक एक्सरे रूम में एक्सरे करने के लिये कोई भी तकनीशियन मौजूद नहीं था। जबकि महिला को ईलाज के लिये शुक्रवार रात के समय भर्ती करवाया गया था। इसके अलावा घायलों को सीटी स्कैन करवाने के लिये निजी लैब का रूख करना पड़ा। जबकि क्षेत्रीय अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत वाली सीटी स्कैन मशीन धूल फांक रही है।
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण मरीजों को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। रेडियोलॉजिस्ट की सबसे ज्यादा कमी उस समय खलती है जब जिला में कहीं पर बड़ी दुर्घटना हो जाए। घायलों के ईलाज के लिये क्षेत्रीय अस्पताल लाया जाता है जहां पर डॉक्टरों द्वारा घायलों का एक्सरे व सीटीस्कैन लिखा जाता है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण घायलों व अन्य मरीजों के सीटी स्कैन नहीं हो पाते। इस कारण मजबूरन मरीजों को निजी लैबों का रूख करना पड़ता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण अस्पताल में सीटी स्कैन नहीं हो पा रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिये डॉयरेक्टर आफिस को चिठ्ठी भेजी गई है। जल्द ही क्षेत्रीय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शनिवार को बस हादसे के घायलों के एक्सरे अस्पताल ही में करवाए गये।