नकरोड़ (चंबा)। चांजू में चल रहे 48 मेगावाट हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के पावर हाउस का निर्माण कार्य सोमवार को मजदूरों ने बंद करवा दिया।
आरोप है कि कंपनी इन मजदूरों को ठेकेदार के अधीन काम करने के लिए मजबूर कर रही है। इसके विरोध में मजदूरों ने सोमवार को कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। पावर हाउस के निर्माण कार्य को भी बंद करवा दिया। मजदूरों का कहना है कि वे कंपनी में काम करने के लिए यहां लगे हैं। ऐसे में ठेकेदारों के अधीन काम करने से उनका शोषण होगा। मजदूरों में चमन, ओम प्रकाश, जगू, पवन, रोहित, अशोक, विक्की और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि चांजू में जब इस हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू हुआ था तो प्रभावित लोगों को कंपनी में नौकरी दी गई थी, लेकिन अब कंपनी स्थानीय लोगों को ठेकेदार के अधीन कर उनके हकों को मारना चाहती है। यह किसी भी शर्त पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने यदि अपना हठ नहीं छोड़ा तो प्रोजेक्ट का पूरा निर्माण कार्य बंद करवा दिया जाएगा। मौजूदा समय में प्रोजेक्ट के पैकेज-एक के तहत किए जा रहे पावर हाउस निर्माण कार्य को मजदूरों ने बंद करवाया है। इससे कंपनी के हाथ पांव फूलने लगे हैं। कंपनी के साथ स्थानीय लोगों का विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कंपनी में प्रभावितों को रोजगार नहीं मिलने को लेकर कुछ लोग पहले ही अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं। अब उन्होंने साफ तौर पर कंपनी को हिदायत दे दी है कि मजदूरों को कंपनी के तहत की कार्य पर रखा जाए।
कंपनी के एचआर रविंद्र नेगी ने बताया कि 167 स्थानीय लोगों को कंपनी में रोजगार दिया गया है। सिर्फ गैर तकनीकी कर्मचारियों को ही पेटी ठेकेदारों के अधीन किया जा रहा है। अन्य लोग कंपनी में पहले की तरह कार्य करते रहेंगे।