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Chamba News: वूली एफिड का कीड़ा बढ़ा रहा सेब बागवानों की पीड़ा

Fri, 13 Dec 2024 12:06 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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साहो (चंबा)। साहो क्षेत्र के अधीन आने वाली परौथा, कुरैणा, सराहण, रजिंडू, अठलुई, गुवाड़, बाट और उटीप में सेब के बागीचों में वूली एफिड का कीड़ा तेजी से फैल रहा है। लंबे समय से बारिश न होने से वूली एफिड के हमले से सेब के पौधों की छाल खराब हो रही है। इसके अलावा पत्तियों और अगले साल के लिए तैयार होने वाले बीमे को भी नुकसान हो रहा है। इससे बागवानों की परेशानियों में भी काफी इजाफा हो चुका है। सेब के स्पर वैरायटी और अन्य वैरायटी में भी वूली एफिड के चलते नुकसान पहुंच रहा है।
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बागवान मान सिंह, हरी सिंह, भान चंद, कविंदर, कमलेश कुमार, बलिराज, मुकेश कुमार, संजीव कुमार, प्यार चंद और अशोक कुमार ने बताया कि वूली एफिड के कारण सेब के बागीचों में पत्ते गिरने लगे हैं। पौधों में गांठें बन रही हैं। जिससे अब उन्हें अपने सेब के बागीचों को लेकर चिंता सताने लगी है।

क्या है वूली एफिड
सेब की टहनियों पर रूई या बर्फ के फाहे की तरह सफेद पदार्थ जमने से वूली एफिड होता है। इसके अंदर गहरे लाल और भूरे रंग के छोटे-छोटे कीड़े जमा होते हैं। वूली एफिड कीट पेड़ की छाल तना और शाखाओं का रस चूसता है। इससे पौधे में गांठे बनती हैं। सर्दियों में कीट जड़ों में पहुंच जाता है। सर्दियों में कीट पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इससे पौधे का विकास रुकता है। बीमे क्षतिग्रस्त होने से फल लगने की क्षमता कम हो जाती है। बीमारी से नए बीमे सेब के नष्ट हो जाते हैं।
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यह करें उपाय
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बताया कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जहां पर वूली एफिड का प्रभाव देखने को मिल रहा है। बागवान सेब के पेड़ या बागीचों के इर्द-गिर्द कीटनाशक थीमेट डाल दें। इससे सेब के पेड़ को बचाया जा सकता है। साथ ही वूली एफिड से खराब हुए पत्तों या गिर चुके पत्तों को एक जगह पर एकत्रित कर गड्ढा खोदकर उसमें दबा दें या जला कर नष्ट कर दें।
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