तीसा अस्पताल से रेफर की गई महिला ने 108 एंबुलेंस में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। महिला की डिलीवरी नार्मल हुई है। ऐसे में अस्पताल से रेफर करने पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक तीसा अस्पताल में डॉक्टर व नर्स होने के बावजूद गर्भवती महिला को सामान्य स्थिति में भी चंबा रेफर कर दिया गया। जब महिला को चंबा लाया जा रहा था तो बीच रास्ते में ही उसे दर्द शुरू हो गया और उसने 108 एंबुलेंस स्टाफ की मदद से बच्चे को जन्म दिया।
महिला सविता पत्नी ओम प्रकाश निवासी गांव गनेड तहसील चुराह (20 साल) को प्रसव के लिए रविवार समय सुबह आठ बजे सिविल अस्पताल तीसा पहुंचाया गया। लेकिन वहां पर तैनात डॉक्टर ने उसका प्रसव करवाने से मना कर दिया और उसे चंबा के लिए रेफर कर दिया।
ग्यारह बजे गर्भवती महिला के परिजन उसे क्षेत्रीय अस्पताल चंबा लेकर आ रहे थे। उसी दौरान दोपहर करीब एक बजकर दस मिनट पर बडोह के पास महिला का प्रसव एंबुलेंस में ही हो गया। महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। महिला और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। महिला का सुरक्षित प्रसव करवाने में ईएमटी देश राज व एंबुलेंस के पायलट अशोक कुमार ने अपनी अहम भूमिका निभाई।
महिला के मामा भाग सिंह व कर्म सिंह ने बताया कि सिविल अस्पताल तीसा में महिलाओं का प्रसव नहीं करवाया जाता है। इस कारण इलाके की गर्भवती महिलाओं को तीसा अस्पताल में प्रसव करवाने की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं का नॉर्मल प्रसव हो सकता है, उन्हें भी चंबा के लिए रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि सिविल अस्पताल तीसा में गर्भवती महिलाओं के प्रसव करवाने की सुविधा करवाई जाए।
बीएमओ तीसा से करेंगे बात : डॉ. रामकमल
उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकमल का कहना है कि इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए सभी अस्पतालों को प्रसव मुफ्त करवाने की सलाह दी गई है। सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ भी है। इसके बावजूद महिलाओं को रेफर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में बीएमओ तीसा से बात की जाएगी।