चंबा में बनीखेत के समलेऊ में हैंडपंप से पानी ठोकर लाती महिलाऐं।संवाद
बनीखेत (चंबा)। जिले के कुछ इलाकों में महिलाएं आज भी सिर पर पानी का बर्तन उठाकर मीलों पैदल चलने पर विवश हैं। महिलाओं को एक बर्तन पानी का भरने के लिए घंटों तक लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
समलेऊ पंचायत के वार्ड नंबर-6 में भी पिछले तीन महीने से ऐसा ही देखने को मिल रहा है। समलेऊ के वार्ड नंबर-6 में तीन माह से पेयजल संकट चल रहा है। महिलाएं घर के काम निपटाने के साथ सिर पर बर्तन उठाकर दो किलोमीटर दूर स्थित हैंडपंप की दौड़ लगा रही हैं। लोगों ने कहा कि जलशक्ति विभाग से कई बार पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। लोगों ने कहा कि खाना बनाने के साथ मवेशियों के लिए भी पानी की व्यवस्था बड़ी मुश्किल से करनी पड़ रही है। पूरा दिन पानी ढोने में ही निकल जा रहा हैं।
पंकेश, सुमेश, कर्ण, नीलांश, प्रियांश और दिलाक्षी ने कहा कि तीन महीने से नलों में पानी की एक बूंद नहीं आई है। दो किलोमीटर पैदल चलकर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। वहां भी घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।
उधर, जल विभाग के कनिष्ठ अभियंता अजय महाजन ने कहा कि जेसीबी से पेयजल लाइन टूटने के कारण यह समस्या आई है। पेयजल लाइन को जोड़ा जा रहा है। जल्द समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।