चंबा। जिला चंबा के तीन अनाथ बच्चों की शादी के लिए सरकार की ओर से बजट का प्रावधान किया जाएगा। इसमें दो बेटियां जहां दुल्हन बन डोली में बैठेंगी तो वहीं एक युवक दूल्हा बनकर घोड़ी चढ़ेगा। मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत इन तीन बच्चों का घर बसाने का सपना पूरा होगा। सरकार की ओर से मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत अनाथ बच्चों की शादी के लिए दो-दो लाख रुपये देने की व्यवस्था है। जिला बाल संरक्षण समिति की ओर से हाल ही में छह नए आवेदनों को स्वीकृति दी है। इनमें तीन शादी कार्यक्रम के तहत है। इसके अलावा तीन अन्य मामलों में जहां एक छात्रा नर्सिंग की ट्रेनिंग करेंगी। इसका सारा खर्च सरकार देगी। जबकि एक युवक अपना स्वरोजगार शुरू करेगा।
इसके लिए सरकार दो लाख रुपये की राशि देगी। जबकि एक अनाथ बच्चे का अपने आशियाने का सपना साकार होगा। सरकार उसे मकान निर्माण के लिए तीन लाख रुपये की राशि जारी करेगी। जिला बाल संरक्षण समिति की ओर से इन मामलों को स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही बजट के लिए सरकार को आवेदन प्रेषित करने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। औपचारिकताएं पूरा होते यह प्रस्ताव सरकार को भेजे जाएंगे। सरकार की ओर से इस तरह की योजना कार्यान्वित करने का मकसद अनाथ बच्चों को जीवन में सहायता करना है। ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न पेश आए।
यह है योजना : प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना कार्यान्वित किया है। इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को पढ़ाई से लेकर मकान निर्माण और शादी सहित स्वरोजगार के लिए सहायता राशि दी जा रही है। ताकि अनाथ बच्चों को जीवन यापन में किसी प्रकार परेशानी न पेश आए।
छह आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की है। इनमें तीन आवेदन शादी ग्रांट के तहत है। जबकि एक मकान निर्माण, स्वरोजगार शुरू करने और एक नर्सिंग ट्रेनिंग से संबंधित है।
राकेश चौधरी, जिला अधिकारी, बाल संरक्षण इकाई, चंबा