सलूणी की 44 पंचायतों के बच्चों को हो रही परेशानी
बच्चे बनीखेत या धर्मशाला का रुख करने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। उपमंडल के तहत 44 पंचायतों में बहुतकनीकी संस्थान न होने का खामियाजा क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि बहुतकनीकी संस्थान में शिक्षा अर्जित करने के लिए क्षेत्र के विद्यार्थियों को बनीखेत या धर्मशाला का रुख करना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि बहुतकनीकी संस्थान के अभाव में कई मेधावी बच्चे पैसों के अभाव में आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। अभिभावकों ने बताया कि सलूणी में यदि बहुतकनीकी संस्थान खुलता है तो ग्राम पंचायत भांदल, किहार, सनूंह, किलोड़, सूरी, डियुर, पिछला डियुर, भड़ेला, कंधवारा, बनोट, हिमगिरी, पंझेई, सिंग्गाधार, ब्याणा, खरोटी, खरल, पुखरी, लिग्गा, द्रेकड़ी, मोड़ा, बाड़का, भजौतरा, भलेई, नड्ड़ल आदि क्षेत्रों के बच्चों को राहत मिलेगी। बहरहाल, ग्रामीण बुधवार को सलूणी पहुंच रहे राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन से मिलकर क्षेत्र में बहुतकनीकी संस्थान और केंद्रीय विद्यालय की मांग उठाएंगे।
राजकीय महाविद्यालय सलूणी के पीटीए अध्यक्ष दिनेश राणा, उपप्रधान विमला देवी, कोषाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा, सदस्य रमेश कुमार शर्मा, संजय नाथ, संजय कश्मीरी, बीडीसी अध्यक्ष कंगना सेठी, उपाध्यक्ष विनोद कुमार सहित सदस्यों विनोद कुमार, रोशन कुमार, पंचायत प्रतिनिधियों में सलूणी प्रधान मान सिंह, उपप्रधान अनिल कुमार, दिघाई प्रधान केशो राम, लिग्गा प्रधान मनोज कुमार, बाड़का प्रधान प्रहलाद देवल और पुखरी के प्रधान खेमराज ने बताया कि सलूणी में बहुतकनीकी संस्थान और केंद्रीय विद्यालय नहीं है। इससे विद्यार्थी वर्ग को परेशानी हो रही है।