मसरूंड रेंज की घरगां वन बीट में कर्मचारियों ने तैयार किया नया जंगल
2015 में किया पौधरोपण आज पेडों के रूप में आ रहा है वहां पर नजर
प्रवीण कुमार
चंबा। मसरूंड रेंज की घरग्रां वन बीट में जहां कभी बंजर पहाड़ हुआ करता था, आज वहां देवदार के पेड़ों का हरा-भरा जंगल लहलहा रहा है।
2015 में वन मंडल चंबा ने यहां सैकड़ों देवदार के पौधे रोपित किए थे। बीट में कार्यरत वन रक्षक से लेकर अन्य कर्मचारियों ने उन पौधों की रखवाली और निगरानी का बीड़ा उठाया। लगातार पौधों की देखभाल की गई। इसमें कई पौधे किसी कारणवश बड़े भी नहीं हो पाए लेकिन ज्यादातर पौधे आज के समय में पेड़ बन चुके हैं। वन विभाग ने जब कुछ दिन पहले उन पेडों का ड्रोन के जरिये वीडियो बनाया तो वहां हरा-भरा जंगल दिखाई दिया। कुछ वर्ष पहले तक वहां सिर्फ बंजर भूमि और बीच में लोगों के घर और खेत थे। आज वहां देवदार के पेड़ गगन चूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। आने वाले समय में ये जंगल कई वन्य जीवों के रहने का घर बनेगा। वन्य पशु और पक्षी विचरण करेंगे।
इस रकबे को संरक्षित करने में अपना योगदान देने वाले वन रक्षक से लेकर अन्य सभी कर्मचारी बधाई के पात्र हैं क्योंकि आज के समय में जहां वन बीटों पर अवैध कटान के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में इस बीट में नया जंगल तैयार करने की भी खबर लोगों को मिल रही है।
मुख्य वन अरण्यपाल राकेश कुमार ने बताया कि मसरूंड रेंज की घरग्रां वन बीट में कर्मचारियों की मेहनत के कारण एक नया जंगल तैयार हुआ है। इसके लिए सभी कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। वन विभाग जिले में वनों का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।