भद्रम में बार-बार गंदा पानी आने की शिकायत पर पीसीबी ने राजपुरा नाले के स्रोत से भरा नमूना
रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी, धर्मशाला की वैज्ञानिक प्रयोगशाला में होगी पानी की जांच
दो-तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद, लापरवाही सामने आने पर की जाएगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सरोल पंचायत के भद्रम गांव में बार-बार मटमैला पानी आने की शिकायत अब जांच के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीम ने राजपुरा नाले में पहुंचकर उस स्रोत से पानी का नमूना लिया, जहां से गांव के लिए पेयजल की आपूर्ति होती है।
नमूना जांच के लिए धर्मशाला भेजा गया है। अब वैज्ञानिक जांच से पता चलेगा कि पानी दूषित है या नहीं और यदि पानी की गुणवत्ता खराब मिलती है तो इसका कारण क्या है।
भद्रम के लोगों का कहना है कि हर दूसरे या तीसरे दिन नल में मटमैला पानी आता है। ग्रामीण लंबे समय से पानी की शुद्धता को लेकर शिकायत कर रहे थे। उनका कहना है कि दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए उन्होंने पेयजल स्रोत की जांच करवाने की मांग उठाई थी।
शिकायत के बाद पीसीबी के कनिष्ठ अभियंता अखिल ठाकुर टीम के साथ राजपुरा नाले पहुंचे और स्रोत से नमूना एकत्र किया। पीसीबी अधिकारियों के अनुसार दो-तीन दिन में जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में पानी दूषित पाया जाता है तो इसकी वजह भी तलाश की जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।
पीसीबी के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि लोगों की शिकायत पर पानी की शुद्धता जांचने के लिए नमूना लिया गया है। पानी के प्रदूषण के लिए जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।