चंबा के बनीखेत में सत्संग सुनते अनुयायी।संवाद
बनीखेत (चंबा)। निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। महात्मा अनिल गुप्ता ने कहा कि हर मानव के लिए परोपकार का भाव पैदा होता है।
सच्चे मन से परमात्मा को हृदय में बसाते जाएं। हमें प्रभु-परमात्मा का सहारा लेते हुए अपने भीतर मानवीय गुणों का विस्तार करना है। ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर भक्ति का आनंद लेना है। हर युग में संतों-महात्माओं ने यही शिक्षा दी है कि भौतिक उपलब्धियां तो मुबारक हैं लेकिन प्राथमिकता प्रभु की अनुभूति करने को देनी है। महात्मा ने कहा कि हर युग में संतों ने यही समझाया है कि निरंकार - परमात्मा सदा था, है और रहेगा। जिसने भी इस सच का संग कर लिया, वह जीते जी ही बंदिशों से आजाद हो जाएगा। शाखा प्रबंधक महात्मा एचएस गुलेरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। संवाद