चंबा। रावी नदी में कार हादसा चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टराें की जिंदगी बदल गया। चारों इंटर्न अकसर एक साथ ड्यूटी करने जाते और खाली समय एक-दूसरे के साथ बिताते थे। वे अपने कॅरिअर की शुरुआत करने और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नौकरी करने की योजना बना चुके थे, लेकिन इनमें हमीरपुर जिला की बड़सर तहसील के बड़ग्राम के अखिलेश (25) की मौत हो गई, जबकि शिमला जिला के हाटकोटी गांव की इशिका (23) नदी के तेज बहाव में लापता हो गई।
अन्य इंटर्न शिमला जिला के कुमारसैन के भराड़ा गांव के रिशांत (26) और सोलन के कंडाघाट के बिशा गांव के दिव्यांक (23) गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उन्हें साथी अखिलेश का चला जाना पूरी उम्र नहीं भूलेगा। वहीं, इशिता की तलाश अभी जारी है। घायलों के मुताबिक पांच साल की कठिन पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पांच महीने बाद अपने कॅरिअर की शुरुआत करने वाले थे। उन्हें नहीं पता था कि यह यात्रा उनको जीवन के सबसे मुश्किल मोड़ पर लाकर खड़ा कर देगी। रावी नदी के किनारे बालू के पास वे खाना खाने गए। इस दौरान कार खाई में गिरकर नदी में समा गई। उधर, हादसे ने न केवल उनके परिवारों को सदमा दिया है, बल्कि मेडिकल कॉलेज परिसर में भी शोक की लहर दौड़ गई। साथी छात्र और फैकल्टी सदस्य गहरे सदमे में हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है।
आपदा में दिया अहम योगदान
जिले में आई आपदा के दौरान इन चारों प्रशिक्षु डॉक्टरों ने घायल लोगों के इलाज में काफी योगदान दिया। दिन-रात ये लोगों की सेवा में जुटे रहे।
लापता इंटर्न की तलाश के लिए बुलाए गोताखोर
चंबा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोर बुलाए गए हैं। लापता इंटर्न की तलाश के लिए अभियान जारी है।