भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में बारिश न होने के कारण प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की कमी शुरू हो गई है। दिन प्रतिदिन पेयजल स्रोतों में पानी की जलस्तर कम हो रहा है। वर्तमान में 20 से 30 प्रतिशत जलस्तर कम हो गया है। इसको लेकर भरमौर के लोग काफी चिंतित हैं। क्योंकि आगामी दिनों में उन्हें पीने के पानी की किल्लत का सामना भी करना पड़ सकता है। लोगों के साथ जल शक्ति विभाग भी सूखे को लेकर परेशान है। उपमंडल भरमौर में करीब 44 पानी की स्कीमें चल रही हैं।
जहां पर पानी की कमी देखने को मिल रही है। खासतौर पर लाहल, कुगति, सिरडी और बगडू में पानी की समस्या आ रही है। लाहल गांव के लिए भंडारण टैंक के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। दिसंबर शुरू होने से पहले भरमौर की ऊपरी पहाड़ियां बर्फ से सफेद हो जातीं थीं। लेकिन, इस बार इन पहाड़ियों में बर्फ तो दूर की बात है कि बारिश भी नहीं हो रही है। इसकी वजह से पानी के स्रोतों में पानी का स्तर कम होता जा रहा है। बारिश और बर्फबारी न होने से फसलों के साथ आने वाले दिनों में पानी की समस्या भी खड़ी हो सकती है।
कुगति, लाहल, सिरडी और वगडू को छोड़कर बाकि जगह पर पानी की दिक्कत नहीं आ रही है। लेकिन, जल्द बारिश और बर्फबारी न हुई तो जल स्रोतों में पानी की भारी कमी हो सकती है।
विवेक चंदेल, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग