चंबा-पांगी मार्ग पर सचे जोत के पास सड़क पर जमा पानी और गाड़ी निकालने के लिए मिट्टी डालते लोग।सं
चंबा। जिला चंबा में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड से जल स्रोत और सड़क पर पानी जमना शुरू हो गया है। मंगलवार रात को सचे जोत मार्ग औैर आसपास के इलाकों का न्यूनतम तापमान माइनस नौ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इससे सड़क पर ओस की बूंदें और झरने जम गए। अब पांगी जाने वाले चंबा-सचे जोत मार्ग पर ओस की बूंदें जमने से वाहन फिसल रहे हैं। मंगलवार को इस कारण एक पिकअप खाई में गिर गई थी।
वहीं, चंबा-सचे पास मार्ग से कुछ टैक्सी चालक सवारियों की जान जोखिम में डालकर रोजाना आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन पांगी प्रशासन और लोक निर्माण विभाग इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। हर वर्ष प्रशासन की तरफ से सचे पास को 15 अक्तूबर को वाहनों की आवाजाही के लिए आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाता था। इसको लेकर बकायदा अधिसूचना निकाली जाती थी। ताकि कोई भी टैक्सी चालक सचे पास से सवारियों को लेकर न जाए। लेकिन इस बार अभी तक प्रशासन की तरफ से ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली है।
लोक निर्माण विभाग की खुली पोल, मिट्टी भी नहीं डाली गई
लोक निर्माण विभाग मंडल पांगी की तरफ से आश्वस्त किया गया था कि सचे पास पर आठ इंच तक बर्फबारी होने पर भी वाहनों की आवाजाही सुचारू रखी जाएगी। लेकिन बर्फबारी से पहले ही विभाग की व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई। जब सड़क पर जमी बर्फ में एक पिकअप फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सचे पास पर जहां सड़क पर पानी जमकर बर्फ बन जाता है। नियमों के अनुसार वहां पर विभाग को मिट्टी डालनी चाहिए थी। लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था वहां नहीं देखने को मिली।
लोनिवि के कार्यकारी अधिशासी अभियंता रवि शर्मा ने बताया कि सचे पास को बंद करने की अधिसूचना प्रशासन कर सकता है। मार्ग को सुचारू रखने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है।