बनीखेत (चंबा)। आधुनिक दौर में मोबाइल फोन और इंटरनेट लोगों की दैनिक जरूरत का अहम हिस्सा बन चुके हैं लेकिन उपमंडल डलहौजी के कई गांव आज भी बेहतर मोबाइल नेटवर्क सुविधा से वंचित हैं।
कमजोर या न के बराबर मोबाइल सिग्नल के कारण ग्रामीणों को संचार, शिक्षा, बैंकिंग, व्यवसाय और आपातकालीन सेवाओं में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत ढलोग के उपप्रधान मंजीत सिंह ने बताया कि ढलोग के आसपास स्थित धारद, कलर, फाटी, बैंस्का, मोरनु, बासा सहित कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क या तो बिल्कुल उपलब्ध नहीं है या फिर इतना कमजोर है कि सामान्य फोन कॉल करना भी मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में यह स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ग्रामीण प्रकाश चंद, सुनील कुमार, महिंदर सिंह, तिलक राज और राजकुमार ने बताया कि आज अधिकांश सरकारी और निजी सेवाएं इंटरनेट आधारित हैं।
बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, व्यवसाय और सरकारी योजनाओं की जानकारी मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर है। ऐसे में नेटवर्क नहीं मिलने से लोगों का समय और धन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। कई बार जरूरी कॉल करने या सूचना प्राप्त करने के लिए लोगों को ऊंची पहाड़ियों या दूसरे गांवों तक जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क संतोषजनक नहीं है। ढलोग से बड़ेरु तक सड़क मार्ग पर भी मोबाइल सिग्नल उपलब्ध नहीं है। इससे यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में संपर्क करना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापित कर नेटवर्क व्यवस्था को जल्द सुदृढ़ करने की मांग की है।
उधर, उपमंडल अधिकारी डलहौजी अनिल भारद्वाज ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। बीएसएनएल अधिकारियों से इस संबंध में बात कर प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।