चंबा। मानवाधिकार इंटरनेशनल फेडरेशन के राज्य निदेशक मोहम्मद रफी ने कहा है कि किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना मानवाधिकारों, निजता और गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। एक बयान में उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है लेकिन इसके दुरुपयोग के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। कई बार अधूरी जानकारी या निजी परिस्थितियों से जुड़े वीडियो वायरल होने से संबंधित व्यक्ति की सामाजिक छवि और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने हाल ही में एक युवती का ड्रिंक करते हुए वीडियो वायरल होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे वह अवसाद का शिकार हो गई। प्रत्येक व्यक्ति को संविधान द्वारा गरिमा और निजता के साथ जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्ड या प्रसारित करना नैतिक रूप से गलत होने के साथ-साथ परिस्थितियों के अनुसार कानूनी कार्रवाई का आधार भी बन सकता है। संवाद